Dec 2, 2021

गोत्र क्या है ? गोत्र कितने है ?

गोत्र कितने है ?


ॐ 
आज हम अपनी संस्कृति की धरोहर के सामान गोत्र के बारे में जानेंगे | 
गोत्र या नि क्या ? What is Gotra ? गोत्र क्यों जरुरी है ? गोत्र कितने है ? गोत्र की क्या उपयुक्तता है ? गोत्र कैसे मालुम होता है ? इस सब बातो को आज हम ठीक तरीके से जानने का प्रयास करेंगे | 
सब से पहेल हम गोत्र कितने है इस के बारे में जानेंगे | 

१.अत्रि गोत्र, 
२.भृगुगोत्र, 
३.आंगिरस गोत्र, 
४.मुद्गल गोत्र, 
५.पातंजलि गोत्र, 
६.कौशिक गोत्र, 
७.मरीच गोत्र, 
८.च्यवन गोत्र, 
९.पुलह गोत्र,
१०.आष्टिषेण गोत्र, 
११.उत्पत्ति शाखा, 
१२.गौतम गोत्र,
१३.वशिष्ठ और संतान (क)पर वशिष्ठ गोत्र, (ख)अपर वशिष्ठ गोत्र, (ग)उत्तर वशिष्ठ गोत्र, (घ)
पूर्व वशिष्ठ गोत्र, (ड)दिवा वशिष्ठ गोत्र !!! 
१४.वात्स्यायन गोत्र, 
१५.बुधायन गोत्र, 
१६.माध्यन्दिनी गोत्र, 
१७.अज गोत्र, 
१८.वामदेव गोत्र, 
१९.शांकृत्य गोत्र, 
२०.आप्लवान गोत्र, 
२१.सौकालीन गोत्र, 
२२.सोपायन गोत्र, 
२३.गर्ग गोत्र, 
२४.सोपर्णि गोत्र, 
२५.शाखा, 
२६.मैत्रेय गोत्र, 
२७.पराशर गोत्र, 
२८.अंगिरा गोत्र, 
२९.क्रतु गोत्र, 
३०.अधमर्षण गोत्र,
३१.बुधायन गोत्र, 
३२.आष्टायन कौशिक गोत्र, 
३३.अग्निवेष भारद्वाज गोत्र, ३४.कौण्डिन्य गोत्र, 
३५.मित्रवरुण गोत्र, 
३६.कपिल गोत्र, 
३७.शक्ति गोत्र, 
३८.पौलस्त्य गोत्र, 
३९.दक्ष गोत्र, 
४०.सांख्यायन कौशिक गोत्र, ४१.जमदग्नि गोत्र, 
४२.कृष्णात्रेय गोत्र, 
४३.भार्गव गोत्र, 
४४.हारीत गोत्र, 
४५.धनञ्जय गोत्र, 
४६.पाराशर गोत्र,
 ४७.आत्रेय गोत्र, 
४८.पुलस्त्य गोत्र, 
४९.भारद्वाज गोत्र,
 ५०.कुत्स गोत्र, 
५१.शांडिल्य गोत्र, 
५२.भरद्वाज गोत्र, 
५३.कौत्स गोत्र, 
५४.कर्दम गोत्र, 
५५.पाणिनि गोत्र, 
५६.वत्स गोत्र, 
५७.विश्वामित्र गोत्र, 
५८.अगस्त्य गोत्र,
 ५९.कुश गोत्र,
 ६०.जमदग्नि कौशिक गोत्र, ६१.कुशिक गोत्र, 
६२. देवराज गोत्र, 
६३.धृत कौशिक गोत्र, 
६४.किंडव गोत्र, 
६५.कर्ण गोत्र, 
६६.जातुकर्ण गोत्र, 
६७.काश्यप गोत्र, 
६८.गोभिल गोत्र, 
६९.कश्यप गोत्र,
७०.सुनक गोत्र, 
७१.शाखाएं गोत्र, 
७२.कल्पिष गोत्र, 
७३.मनु गोत्र,
 ७४.माण्डब्य गोत्र, 
७५.अम्बरीष गोत्र, 
७६.उपलभ्य गोत्र, 
७७.व्याघ्रपाद गोत्र, 
७८.जावाल गोत्र, 
७९.धौम्य गोत्र, 
८०.यागवल्क्य गोत्र, 
८१.और्व गोत्र, 
८२.दृढ़ गोत्र, 
८३.उद्वाह गोत्र, 
८४.रोहित गोत्र,
८५.सुपर्ण गोत्र, 
८६.गालिब गोत्र, 
८७.वशिष्ठ गोत्र, 
८८.मार्कण्डेय गोत्र, 
८९.अनावृक गोत्र, 
९०.आपस्तम्ब गोत्र, 
९१.उत्पत्ति शाखा गोत्र, 
९२.यास्क गोत्र, 
९३.वीतहब्य गोत्र, 
९४.वासुकि गोत्र, 
९५.दालभ्य गोत्र, 
९६.आयास्य गोत्र, 
९७.लौंगाक्षि गोत्र, 
९८.चित्र गोत्र, 
९९.विष्णु गोत्र, 
१००.शौनक गोत्र, 
१०१.पंचशाखा गोत्र, 
१०२.सावर्णि गोत्र, 
१०३.कात्यायन गोत्र, 
१०४.कंचन गोत्र, 
१०५.अलम्पायन गोत्र, 
१०६.अव्यय गोत्र, 
१०७.विल्च गोत्र, 
१०८.शांकल्य गोत्र, 
१०९.उद्दालक गोत्र, 
११०.जैमिनी गोत्र, 
१११.उपमन्यु गोत्र, 
११२.उतथ्य गोत्र, 
११३.आसुरि गोत्र, 
११४.अनूप गोत्र, 
११५.आश्वलायन गोत्र 

कुल संख्या १०८  ही है | लेकिन इनकी छोटी-छोटी ७ शाखा और हुई है ! 
इस प्रकार कुल मिलाकर इनकी पुरी संख्या ११५ है !

॥जयतु संस्कृतम् ॥

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